शिक्षा एवं सामाजिक विज्ञान
एआई वही पढ़ सकता है जो आप पहले से खोल सकते हैं। उसका सबसे ख़तरनाक जवाब वही है जो पूरा दिखता है
17 सित॰ 2026 · 10 मिनट का पठन
एआई ने साहित्य-खोज, मेटाडेटा और भारतीय लिपियों के डिजिटाइज़ेशन में सचमुच बदलाव किया है। साथ ही उसने एक ऐसी नाकामी भी जोड़ी है जो सफलता जैसी दिखती है — सिर्फ़ सार पढ़कर बने आत्मविश्वासी सारांश, और ऐसे संदर्भ जो कहीं खुलते ही नहीं।
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